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बिहार में बाढ़: कोसी, पुनपुन, बूढ़ी गंडक और गंगा में उफान बरकरार

बिहार में नदियों का खतरे के निशान से ऊपर बहने का सिलसिला जारी है। इनमें उफान बरकरार है। सोमवार सुबह छह बजे श्रीपालपुर में पुनपुन 170 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। वहीं, बूढ़ी गंडक भी कई जगहों पर खतरे के निशान से पार थी। यह लालबगियाघाट में 134, रोसड़ा में 98, सिकंदरपुर में 86, अहिरवलिया में 77, समस्तीपुर में 31 और खगुड़या में 12 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। कोसी का जलस्तर बलतारा में 194 और कुरसेला में खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर ऊपर था। सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर फरक्का में 90 और साहेबगंज में 64 सेंटीमीटर ऊपर था। 

मंगलवार सुबह तक दोनों जगहों पर इसके जलस्तर में 4 से 6 सेंटीमीटर की वृद्धि की संभावना है। वहीं, दरौली में घाघरा 39 और गंडक डुमरियाघाट में खतरे के निशान से 69 सेंटीमीटर ऊपर थी। बागमती बेनीबाद में 60 और हायाघाट में 12 सेंटीमीटर ऊपर थी। घाघरा का जलस्तर गंगपुरसिसवन में खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर ऊपर था। इससे पहले वर्ष 1983 में यहां इस नदी का जलस्तर 58.1 मीटर मापा गया था। यह सुबह छह बजे उच्चतम जलस्तर से 39 सेंटीमीटर नीचे थी। 

पीड़ितों ने विधायक और बीडीओ-सीओ को बनाया बंधक

अंचल कार्यालय में सोमवार को सैकड़ों बाढ़ पीड़ितों ने बाढ़ राहत वितरण के लिए जमकर हंगामा व बवाल किया। स्थानीय विधायक विनय बिहारी, सीओ, बीडीओ व प्रखंड प्रमुख को छह घंटे तक बंधक बनाए रखा। शाम 5 बजे अंचल कार्यालय पहुंचे एसडीएम सुनील कुमार व एसडीपीओ संजय कुमार झा ने काफी मशक्कत कर आक्रोशितों को समझाया। इसके बाद वे वापस लौटने को तैयार हुए। 

दोपहर करीब 12 बजे विधायक व सीओ बैठक कर रहे थे। इसी दौरान वहां दियरावर्ती नवलपुर व ढ़ढ़वा पंचायतों के सैकड़ों बाढ़ पीड़ित आ पहुंचे और उन्हें बंधक बना लिया। हालांकि, लौरिया विधायक विनय बिहारी ने उन्हें समझाने का बहुत प्रयास किया। लेकिन, वे शांत नहीं हुए। हंगामा सुन वहां पहुंचे प्रखंड प्रमुख व बीडीओ को भी बंधक बना लिया।